विधायक आदेश ने डॉ. सिंघल की चुनौती को स्वीकार करते हुए एक मंच पर आमने-सामने वार्ता करने को हामी भरी।

जसपुर। फन टीवी न्यूज़
जसपुर के सुभाष चौक पर पत्रकार वार्ता करते हुए कांग्रेस विधायक आदेश चौहान ने पूर्व विधायक डॉक्टर शैलेंद्र मोहन सिंघल द्वारा लगाए गए आरोपों को बेतुका बताया। विधायक आज तक जितने भी गलत काम किये पूर्व विधायक ने किए नगर के एक जाने-माने विद्यालय में उनके परिवार और चहेते वर्षों से काबिज है विद्यालय ने बच्चों से कौशल निधि के नाम से साढ़े 14 लाख रुपए की वसूली की थी। जिसका विरोध कर उन्होंने यह मुद्दा सदन में उठाया और शिक्षा मंत्री को अवगत कराने पर जांच कराई गई तो विद्यालय को उक्त धनराशि वापस करनी पड़ी। पूर्व विधायक की चुनौती को वह स्वीकार करते हैं वह जब चाहे उनको बुलाकर एक मंच पर आमने-सामने वार्ता करने को तैयार है। उन्होने कहा कि सरकार और पूर्व विधायक नहीं चाहते कि जसपुर क्षेत्र का विकास हो। उन्होंने पलट बार करते हुए कहा कि रोडवेज बस अड्डे की भूमि पर जिस व्यक्ति ने स्टे लिया है वह व्यक्ति किस मौहल्ले का है उस व्यक्ति को वह जानते तक नहीं है। नगर पालिका में चेयरमैन बसपा पार्टी की थी बाद में वह भाजपा में चली गई जब चेयरमैन उनकी पार्टी की और सरकारी वकील उनके थे तो उन्होंने क्यों नहीं आगे आकर स्टे को समाप्त कराया और रोडवेज बस अड्डा बनवाने की पहल की। पूर्व विधायक ने भाजपा से ऐसा क्या सौदा किया था जो तत्कालीन कांग्रेस सरकार को गिरा दिया था। जिस सरकार ने उनके कहने पर स्टेडियम और रोडवेज बस अड्डे की स्थापना कर शिलान्यास किया। पूर्व विधायक बयानबाजी कर जनता की झूटी बाह-वाही लूटना चाहते हैं। इसी के साथ उनके चहितों ने डैम में वन भूमि पर खड़े यूके लिप्टस के पेड काट लिए थे जिसकी एनसीआर भी दर्ज हुई है और अपनी निजी भूमि पर अवैध रूप से मिट्टी भराव करने से उन पर 14 लाख रुपए की पेनल्टी लगी रामलीला की जमीन पर अपने भाई के लिए रास्ता खुलबा दिया, ऐसे व्यक्ति को क्या जनता कभी माफ करेगी। जनता की वर्षों पुरानी मांग रोडवेज बस अड्डा की स्थापना ना होने तक उन्होंने अस्थाई रोडवेज बस अड्डा करवाया और दो कर्मचारियों की तैनाती कराकर यात्रियों के लिए रोडवेज बस रुकने की व्यवस्था कराई तो उनको बुरा लगा और उन्होंने नाम मिटवाने का आरोप लगाकर उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जिसके बाद मुकदमे एफआर लगवाकर समाप्त कराया गया। विधायक ने कहा कि उन्होने सदन से सड़क तक क्षेत्र की मांगो को उठाया तो पूर्व विधायक कह रहे हैं की विधायिकी बचाने के लिए रैली निकाली गई और रही विधायकी की बात तो जब तक जनता चाहेगी वह तब तक विधायक रहेंगे। विधायक ने आरोप मड़ते हुए कहा कि पूर्व विधायक 9 साल सत्ता में विधायक रहे और 5 साल विपक्ष में रहे सत्ता में रहकर भी उन्होंने स्टेडियम, रोडवेज बस अड्डा, भोगपुर डैम को राजस्व ग्राम घोषित व पॉलिटेक्निक आदि की स्थापना क्यों नहीं कराई। वर्तमान में सरकार भी उनकी है। उन्होने कहा कि पूर्व विधायक ने तो नगर का बाजार उजाड़ने का काम किया और दुकानदारों, रिक्शा, लेबर, फेरी वालों को बेरोजगार कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए बाजार को पार्किंग अड्डा बना दिया। मौके पर इख्तियार बबलू, गजेंद्र सिंह चौहान, मोइनुद्दीन मजनू, सरदार सुखदेव सिह, सर्वेश चौहान, मौ0 इकबाल आदि मौजूद रहे।




