2017 और 2022 में कांग्रेस ने दर्ज की जीत, दोनों चुनावों में भाजपा प्रत्याशी से करीब चार हजार वोटों का रहा अंतर
जसपुर। फन टीवी न्यूज़। रिर्पोट- समीर परवेज
जसपुर विधानसभा क्षेत्र संख्या 62 की राजनीति में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज होने लगी हैं। वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी आदेश सिंह चौहान लगातार दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी संभावित तीसरी चुनावी जीत और हैट्रिक का मुद्दा क्षेत्र की राजनीतिक चर्चाओं में शामिल हो गया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी आदेश सिंह चौहान को कुल 42,551 वोट प्राप्त हुए थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल को 38,347 वोट मिले थे। इस चुनाव में आदेश चौहान ने 4,204 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। चुनाव परिणाम में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला था।
इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला रहा। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी आदेश सिंह चौहान को 42,886 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल को 38,714 वोट प्राप्त हुए। इस बार जीत का अंतर 4,172 वोट रहा। इस प्रकार आदेश चौहान ने लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव जीतकर जसपुर सीट पर अपनी स्थिति बरकरार रखी।
पांच साल में दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के वोटों में हुई बढ़ोतरी
2017 और 2022 के चुनाव परिणामों की तुलना करें तो आदेश सिंह चौहान के वोटों में वर्ष 2022 में 335 वोटों की बढ़ोतरी हुई। वहीं भाजपा प्रत्याशी डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल के वोट भी वर्ष 2017 की तुलना में 367 बढ़े। दोनों चुनावों में जीत का अंतर चार हजार से कुछ अधिक रहा, जिससे जसपुर विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबले की स्थिति स्पष्ट होती है। वर्ष 2022 के चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के अलावा अन्य दलों के प्रत्याशियों को भी मतदाताओं का समर्थन मिला। आम आदमी पार्टी के डॉ. यूनुस चौधरी को 9,454 वोट, जबकि बसपा प्रत्याशी अजय अग्रवाल को 5,061 वोट प्राप्त हुए। इन आंकड़ों से यह भी सामने आता है कि दोनों प्रमुख दलों के अलावा अन्य राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को भी विधानसभा क्षेत्र में उल्लेखनीय संख्या में वोट मिले।
2027 में बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
अब वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की ओर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने के साथ जसपुर में भी संभावित प्रत्याशियों, राजनीतिक दलों की तैयारियों और मतदाताओं के रुझान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। आगामी चुनाव में मुकाबले का स्वरूप क्या रहेगा, कौन-कौन से प्रत्याशी मैदान में उतरेंगे और विभिन्न दलों को कितना समर्थन मिलता है, यह चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही स्पष्ट होगा।
पिछले दो विधानसभा चुनावों के परिणामों को देखें तो आदेश सिंह चौहान ने 2017 और 2022 में लगातार जीत दर्ज की है। ऐसे में 2027 का चुनाव उनके लिए लगातार तीसरी जीत की संभावना के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं चुनावी मैदान में उतरने वाले अन्य प्रत्याशियों और दलों की रणनीति भी परिणाम को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल होगी।
अब 2027 के चुनाव पर टिकी निगाहें
जसपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो चुनावों के आंकड़े कांग्रेस और भाजपा के बीच लगातार मुकाबले को दर्शाते हैं। 2017 और 2022 में जीत का अंतर लगभग चार हजार वोट रहा। ऐसे में 2027 में राजनीतिक परिस्थितियां किस दिशा में जाती हैं, यह देखने का विषय होगा।
फिलहाल जसपुर की राजनीति में सबसे प्रमुख चर्चा यह है कि दो लगातार विधानसभा चुनाव जीत चुके आदेश सिंह चौहान क्या 2027 में तीसरी जीत दर्ज कर हैट्रिक बना पाएंगे। हालांकि इसका जवाब चुनावी मैदान में प्रत्याशियों की स्थिति, प्रचार अभियान, स्थानीय मुद्दों और मतदाताओं के रुझान के बाद ही सामने आएगा।






